Sandeep Kumar

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लेखनी कहानी -24-Feb-2024

इतना तो तुम पहले जान 
यह इश्क नहीं है आसान
यह आग का दरिया है इसमें झुलस जाते हैं 
बड़े-बड़े माहिर खिलाड़ी इंसान।।

खो देते हैं अपनी आपा
हो जाते हैं मुर्दा सामान
बड़े-बड़े महारथी कर लेते हैं 
इसमें खुद का नुकसान
इतना तो तुम पहले जान,,,,

हाथ लगाने से पहले इसको
लेना तुम इतना संज्ञान
चाहे कुछ भी हो जाए इसमें
खोना नहीं है अपना जान
इतना तो तुम पहले जान,,,

बड़ी मुश्किल से मिला है यह तन
84 जोनी का है यह परिधान
किसी ऐरी गैरी के चक्कर में
हर लेना ना खुद का प्राण 
इतना तो तुम पहले जान,,,,

संसार बस मोह माया है
माया मे न होना ज्यादा परेशान
क्षणिक सुख मिलती है इसमें
इसके बाद तो यह है टेंशन घर सामान
इतना तो तुम पहले जान,,,,

संदीप कुमार अररिया बिहार 💐

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4 Comments

Mohammed urooj khan

26-Feb-2024 12:29 PM

👍👍👍

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Gunjan Kamal

25-Feb-2024 10:53 PM

👌👏🏻

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KALPANA SINHA

25-Feb-2024 07:21 PM

V nice

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